Wednesday, July 28, 2004

भागो-भागो वामपन्थी आए

आजकल वामपन्थी मिसाइलें शेयर बाज़ार को ध्वस्त करने में व्यस्त हैं। हांलाकि वे बयान जिनसे शेयर बाज़ार औंधे मुंह गिर पड़ता है, काफी पुराने और सड़े गले हैं। लेकिन उनमें उतना ही दम है, जितना पुराने सड़े-गले टमाटरों में होता है। जिस तरह श्रोताओं व दर्शकों के हाथों में शोभायमान सड़े-गले टमाटरों के सामने मंच पर खड़े वक्ताओं और अभिनेताओं का मुंह सूख जाता है और मन में भय का अथाह सागर हिलोर मारने लगता है, ठीक यही हाल वामपन्थियों के सामने शेयर बाज़ार का है। अगर आप शहर के किसी अंग्रेज़ी स्कूल से पढ़े हुए हैं और जानना चाहते हैं कि गांव की किसी टाट-पट्टी वाली पाठशाला में मास्टर जी के सामने छात्र किस तरह थर थर कांपते हैं, तो आप इसका अनुभव वामपन्थियों के सामने शेयर बाज़ार की कल्पना कर सहज ही कर सकते हैं।

क्या आपने गॉडजिला फिल्म देखी है। हां, आप सब कम्प्यूटर वाले लोग हैं, तो अब फाइंड एंड रिप्लेस कमांड का प्रयोग करके गॉडजिला को कॉमरेड हरकिशन सिंह सुरजीत या सोमनाथ चटर्जी से रिप्लेस कर दीजिए और न्यूयॉर्क को दलाल स्ट्रीट से। अब कल्पना कीजिए उस दृश्य की जिसमें गॉडजिला (वामपन्थी) न्यूयॉर्क (दलाल स्ट्रीट) में तबाही मचाता है (संवेदी सूचकांक गिराता है), भगदड़ मच जाती है, माहौल में दहशत छा जाती है। क्या धांसू सीन है, वाकई रोमांचक है।

लेकिन सोचने वाली बात यह है कि वामपन्थियों की आर्थिक नीतियों की वजह से जो हाल अभी शेयर बाज़ार का हुआ है, कहीं वही हाल सारी अर्थव्यवस्था का न हो जाए।

3 comments:

  1. Anonymous12:09 AM

    भई आपने तो वामपंथियों की बड़ी भयावह छवि बना दी। अगर मुझे किसी विचारधारा से जोड़ के न देखें तो आप पायेंगे कि वामपंथीयों कि कम से कम रीड़ तो मजबूत है। जो कहतें हैं सो करते हैं। चीन की अर्थव्यवस्था भारत क्या किसी विकसित राष्टृ के मुकाबले भी दोयम नहीं फिर वामपंथियों का ऐसा हौवा क्यों?
    एक बात और, आपके चिट्ठे की क्षमल फीड का पता नहीं चल पा रहा, यदि उपलब्ध हो तो ज़िक्र करें।

    - देबाशीष

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  2. Anonymous12:10 AM

    It seems you are a RSS member unable to digest the defeat of BJP in this election :-)

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  3. Anonymous12:10 AM

    I agree with you. Communists are big threat for Indian economy. Their economic policies are being reflected on Share Market.

    - Rakhi

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