Sunday, April 17, 2005

राजनीतिक नहीं, धार्मिक समस्‍या है कश्‍मीर

कश्‍मीर को लेकर बार-बार होने वाली नौटंकी मन में अब कोई खास जिज्ञासा पैदा नहीं करती है, क्‍योंकि यह बात स्‍पष्‍ट है कि हर बार की तरह इस बार भी कुछ होना-जाना नहीं है और वही ढाक के तीन पात साबित होंगे। पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति (तानाशाह) श्री मुशर्रफ भारत पहुंच चुके हैं और उनका स्‍वागत भी बड़ी गर्मजोशी से हो रहा है। इस भारत-यात्रा से पूर्व कुछ दिनों पहले मुशर्रफ साहब ने इस्‍लामाबाद में इस मसले के हल का एक नया फॉर्मूला पेश किया था। उन्‍होने कहा था कि ‘गुलाम कश्‍मीर’ को सात भागों में बांटा जाना चाहिए, जो 5 मुस्‍लिम बाहुल हिस्‍से हैं वे पाकिस्‍तान को दे देने चाहिये और शेष दो भाग भारत को रख लेने चाहिए जहां कि हिन्‍दू ज़्यादा हैं।

द़रअसल कश्‍मीर एक राजनीतिक नहीं, बल्‍कि मज़हबी मसला है। भारत के ‍इ‍ितहास से यह साफ है कि इस देश के जिस भाग में भी हिन्‍दुओं की संख्‍या कम हुई है, वहीं से देश से अलग होने की आवाज़ आने लगती है। चाहे वह कश्‍मीर का मुद्दा हो या ‍‍‍‍पूर्वोत्‍तर का। अभी हालही में देश के सबसे दक्षिणी नगर कन्‍याकुमारी में मांग उठी है कि कन्‍याकुमारी का नाम बदल कर केप कोमारेन कर देना चाहिये। इसकी केवल यही वजह है कि वहां ईसाई समुदाय की तादाद हिन्‍दुओं से अधिक हो गयी है। भूमि को संस्‍कृति से जोड़कर हिन्‍दू ही भू-सांस्‍कृतिक राष्‍ट्रवाद की भावना पैदा करता है।

कश्‍मीर में पाकिस्‍तान की इसे पैंठ का एक बड़ा कारण है वहां मुस्‍लिमों का जनसंख्‍या में अधिक होना। कश्‍मीर समस्‍या का हल केवल तभी हो सकता है, जब वहां धारा 370 को समाप्‍त किया जाए। कश्‍मीरी पंडितों की वापसी और देश के दूसरे भागों से आकर कश्‍मीर में बसने की छूट जब तक नहीं दी जाती, कश्‍मीर विवाद यूं ही चलता रहेगा। सरकार को स्‍वयं सुनियोजित तरीके से हिन्‍दुओं को कश्‍मीर में बसाने का प्रयत्‍न करना चाहिये।

2 comments:

  1. काश्मीर समस्या धार्मिक नही , अधार्मिक समस्या है , मजहबी कट्टरपन की समस्या है और सेक्युलर अंधेपन ने उसकी जडों को सींचा है ।

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  2. Anonymous6:51 AM

    As far I think there is no solution on Kashmir because no Muslim of Kashmir wants that Kashmir should be a part of India. India is a powerful country how India can let Kashmir go with Pakistan. India will not let Kashmir go and Pakistan can't get Kashmir by using power.

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