Thursday, May 05, 2005
हर साहित्यप्रेमी के द्वार पर हिन्दी ब्लॉग जगत
आप लोगों की मेहनत अब रंग लाने लगी है। हिन्दी ब्लॉग जगत धीरे-धीरे गुमनामी के अन्धेरे से निकल रहा है। प्रमुख साहित्यिक पत्रिका ‘कादम्बिनी’ ने हिन्दी ब्लॉग जगत को हर साहित्य प्रेमी के द्वार तक पहुंचा दिया है। मई के कम्प्यूटर विशेषांक में ‘चिट्ठा विश्व’ का नाम प्रमुख हिन्दी वेब साइटों की सूची में शामिल है और इसके बारे में पर्याप्त विवरण भी है। हिन्दी की प्रथम ब्लॉगज़ीन ‘निरन्तर’ का उल्लेख भी किया गया है। हांलाकि ‘चिट्ठा विश्व’ का URL गलत लिखा हुआ है। लेकिन रवि जी, यकीन मानिए कि ‘ब्लाँग’ की ही तरह यह भी टाइपिंग की ही गलती है।
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3 comments:
भाई साहब , संभव हो तो कादम्बरी का वह पेज यहाँ स्कैन करके चिपका दो। नेत्र धन्य हो जायेंगे।
हिन्दी पत्र-पत्रिकाऒं से इससे कम आशा भी नही कर सकते ।
अनुनाद
देखो लो .नयनसुख ले लो.
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