
क्यों घबराती हैं लड़कियाँ हिरन मीनार में जाने से
ऐसा हो नहीं सकता कि कोई आगरा घूमने आए और फतेहपुर सीकरी न जाए। फतेहपुर सीकर आगरा से लगभग ४० किमी दूर है। इसे अकबर ने पहले अपनी राजधानी बनाया था।
फतेहपुर सीकरी घूमने के लिये जाने वाली लड़कियाँ अक्सर लड़कों के साथ हिरन मीनार (या elephant tower) में घुसने से घबराती हैं। क्यों, ऐसा नहीं है कि उन्हें हाथियों या हिरनों से डर लगता है और न ही इसलिये कि मीनार बहुत ही जर्जर हालत में है। न ही यह मीनार अन्धेरी और डरावनी है। फिर लड़कियाँ इसमें जाने से इतना क्यों डरती हैं?
हालही में जब मैं अपने दोस्तों के साथ फतेहपुर सीकरी गया, तब एक स्थानीय गाइड ने इसका खुलासा किया, ‘‘जो मीनार में साथ-साथ ऊपर जाते हैं, वे पति-पत्नी बन जाते हैं। उनकी शादी हो कर ही रहती है। ऐसा इसलिये क्योंकि इस मीनार की सीढियाँ सात चक्कर काटती हुई ऊपर जाती हैं, जो अग्नि के चारों ओर सात फेरों का प्रतीक हैं।’’ हाँलाकि यह पूरी तरह अन्धविश्वास है; लेकिन जो लड़के वहाँ गये हैं, साथ चलने की बात कहने पर उन्हें लड़कियों की तरफ से हमेशा ‘न’ ही सुनने को मिलता है। शायद आज-कल लड़कियाँ अपने ‘बॉय-फ्रेण्ड्स’ से भी शादी नहीं करना चाहतीं हैं। कई लोग मानते हैं कि यह महज़ एक मिथक है। लेकिन इसे तब तक गलत साबित नहीं किया जा सकता, जब तक कि कोई लड़की किसी अनजान लड़के के साथ मीनार में जाने का साहस दिखाए।
खैर, यह तो कहानी का एक पहलू है। दूसरा और महत्वपूर्ण पहलू ये है कि अगर जल्दी ही सरकार द्वारा आवश्यक कदम नहीं उठाये गये, तो यह जीर्ण-शीर्ण मीनार ढहने वाली है। ऐसा माना जाता है कि मुगल सम्राट अकबर ने अपने प्यारे हाथी या हिरन की याद में ये मीनार बनवाई थी। नीचे की ओर बड़ी-बड़ी दरारें साफ दिखाई देती हैं। महराब और गुम्बद की नक्काशी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी है।
शायद भारतीय पुरातत्व विभाग अपनी गहरी नींद से तभी जगेगा, जब यह मीनार ध्वस्त हो जाएगी।
11 comments:
ऐसा क्यों है कि शादी करने से लड़कियाँ ही घबराती हैं? घबराहट तो लड़कों को बराबर होनी चाहिए। याद है "हम-तुम" का गाना जिस में लड़कों के बारे में कहा गया है - "शादी की जो बात करो तो बुरी ये हालत करते हैं। बिन शादी संग रहने की ये बड़ी वकालत करते हैं।" या ऐसा है कि लड़कियाँ इन चीज़ों पर ज़्यादा विश्वास करती हैं?
प्रतिक,किसी ने तुम्हारे साथ आने से मना तो नही कर दिया ?
आशिष
भैया उर्दू कहाँ से सीखी?
लड़कियों को यह समझाना चाहिये, उपर जाते-जाते सात फेरें होते होंगे, पर जब वे नीचे आती हैं, तो उल्टे फेरें भी तो होते हैं? :-)
वहाँ पर मीनार दिखाने वाले गाईडों की तो मौज हो गयी होगी... सोचता हूँ, मै भी वहाँ पर गाईड की नौकरी कर लूँ.
अब अगर ये बात सच है तो शादियो के मामले मे बदनाम नवाब वाजिद अली शाह तो बहुत पीछे छूट गये होंगे.प्रतीक भाई जरा पता तो करना, पिछले गाईड की शादियों का क्या स्कोर रहा था.
Why it is Elephant tower and not Deer tower (hiran minar)?
नारायण! नारायण!
अपने वादे के मुताबिक हमने तुम्हारे ब्लाग को देखा, लेकिन दु:ख हुआ, कभी कभी लिखते हो, क्या सारे आगरा वाले ब्लागर बिजी रहते है?
प्रतिदिन लिखो.
नारायण! नारायण!
year jra kuch kuch tike hea
भईया,बिलकुल सही बात है यह। अपन का अनुभव तो यही रहा। जिस बालिका के साथ हम वहां घूमने जा पहुंचे थे, आज वो हमारे एक बालक की अम्मा है।
Sorry I only speak English. I have a photograph of this Tower taken in 1919 by my Grandfather but I do not know where it is or what it is. I would much appreciate any information/ yours sincerely/ John Howard/ UK
john.howard113@ntlworld.com
MUJHE EK BAT SAMAJH MEIN NAHIN AAYI KI ELEPHANT MINAR KO HINDI MEIN HIRAN MINAR KYON LIKHA HAI APNE.
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