Tuesday, December 20, 2005

आँख के बदले आँख

मुझे लगता है कि दुनिया अभी भी मध्‍य-युग से ज़्यादा आगे नहीं बढ़ पायी है। हालही में एक ख़बर देखी कि सउदी अरब की अदालत में एक भारतीय की आँख फोड़ने की सजा सुनाई गयी। दरअसल, हुआ यूं कि मूल रूप से केरल का निवासी नौशाद सउदी अरब में एक पेट्रोल पम्प पर काम करता था और गलती से उसके हाथों एक व्‍यक्ति की आँख फूट गयी। बस, तुरन्त ही मध्‍य-युगीन जंगली कानून जिसे लोग ‘शरीयत’ के नाम से भी जानते हैं, हरकत में आ गया और बेचारे नौशाद की भी आँख फोड़ने की सज़ा सुनायी गयी। हाँलाकि भारत सरकार और नौशाद के परिवार ने सउदी अरब से दया की अपील की है; लेकिन अभी तो बस इतना ही कहा जा सकता है कि नौशाद का सिर्फ़ ‘अल्लाह’ ही मालिक है, जो उसे बचा सकता है। शरीयत में आँख फोड़ने, हाथ काटने और पत्‍थर मार-मार कर जान से मारने जैसी कई सज़ाओं का प्रावधान है।

वैसे, इस घटना से एक विचार मेरे मस्तिष्क में उद्भूत हो र‍हा है। वो यह कि अगर भारत में मुसलमानों के लिये शरयी कानून लागू कर दिया जाए, तो भारत के सारे मुसलमान पन्‍थान्‍तरण कर हिन्‍दू बन जाएँगे।

15 comments:

  1. मेरे अनुसार, कुछ हद तक यह कानून अच्छा है क्योंकि लोगों में कानून और सज़ा का डर है जो कि उनके कदम अपराध की ओर बढने से रोकता है, परन्तु हर चीज़ की तरह इसका सही उपयोग न होने के कारण यह ठीक भी नहीं है। "खून के बदले खून" जैसे कानून दकियानूसी हैं और सभी को एक ही तुला में तोलना न्याय नहीं है। अपराध का कारण समझे और जाने बिना दण्ड दे देना भी एक अपराध है।

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  2. apka veechar sarahniye hai, Main awasya hindi me likhunga. aap kripa kar mujhe .. hindi text writer bhej dijiye.

    apka yeh blog pe ab kya comment karu. itna hi keh sakta hu kabhi apki ankh fute aur aap apne ankh forne wale ko maaf kar paaye to ...

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  3. Pratik Ji, aap ka blog padha. Kaafi accha laga. Hum agli pravishti ka intezaar kar rahe hain.

    Aap kaafi accha likhte hain. Kripaya apna lekhan jaari rakhen. Aur yeh bhi batane ka kasht karen ki hum aapke blog par devnagari mein comment kaise pravisht karen.

    Ashutosh

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  4. Anonymous2:05 AM

    thank god there is no bjp gov. of gujrat

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  5. मैं आपकी प्रतिभा से अत्यंत उत्साहित हूं । आपको मेरी शुभकामनाएं ।

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  6. वाकई यह दण्ड ठीक नहीं है लेकिन सउदी के लोग ऐसी शिक्षाओं पर ही विशवास करते हैं। अफ़सोस की बात यह है कि विदेशियों को भी शरिया तहत दण्ड दिया जाता है। लेकिन उस देश के सुल्तान और कुच्छ कर भी नहीं सकते, उनकी सुल्तानियत वहाब्बीयों के सहायता से ही चलती है। शायद उनके बिना इससे भी बुरा हो। ताक़त और पैसों के बिना हम वहाँ कुच्छ भी नहीं कर सकते। शायद इस बार गण्तंत्र दिवस के दौरान शैख़ अब्दुल्लाह उसे क्षमा कर देंगे। शायद।

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  7. अमितजी की बात में दम है. पर फिर भी बर्बरता का समतर्थन भी नहीं किया जा सकता. ऐसे तालिबानी कानुनों का विरोध करना ही चाहिए.

    वैसे प्रतिक भाई, आप मेरे ब्लोग पर टिप्पणी भी नही करते आज कल तो. :-)

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  8. कुछ हल्का फुल्का - 2 ab uplabdh hai

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  9. गृह को ग्रीह की तरह उच्चरण किया जाता है जिसका मतलब "घर" है.
    ग्रह को वैसे ही बोला जाता है जैसे पश्चिम उत्तर प्रदेश मे ग्रह और गृह का उच्चरण होता है जिसका मतलब बुध, शुक्र, बृहस्पति इत्याति सौर मन्डल के सदस्य से है.
    अतएव, गृहमंत्री को ग्रीहमंत्री की तरह बोलिए जिसका मतलब घरेलू मामले के मंत्री से होगा. इसके विपरीत यदि आप गृहमंत्री को ग्रहमंत्री तरह बोलेंगे तो उसका मतलब सौरमण्डल के सदस्यों का मंत्री से होगा.

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  10. Aap ne sach kaha dost, agar india me muslims keliye shariya khanoon lago kerde to sabhi muslim hindu banna chahenge – kaash aisa hi ho take pure desh me ek mazheb ho aur her jageh amen aur shanti ho.

    Aap se ek madad chahiye – mujhe hindi padhna aata hai magar typing nahi maloom, aap ke pass hindi typing ka koi aasan tarika hai to plz batayee – mujhe bhi hindi me blog kerna hai – Pichle 3 years se Urdu bhasha me blog ker raha hon ab hindi me likhna chahta hon.
    Umeed hai aap meri madad karenge - shukriya

    Shuaib, the indian from dubai

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  11. Yaar - aapka bahut shukria mere blog per hindi seekhne ka link dene keliye

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  12. Hello from Milan, Italy!

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  13. Kya aaj bhi duniya mein aise log hain? Kya shiksha aur gyaan paa kar bhi log kisi doosre insaan ke saath aise vyavhaar kar sakte hain?
    maana ke kaanoon yadi sakht na ho toh mazaak ban jaata hai... par 'aankh ke badle aankh' kannon nahi, apraadh hi hai...

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  14. प्रतीक इस साल से आपने लिखना बन्द कर दिया है क्या ?

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  15. asif khan6:25 PM

    mere bhaiyo aap log Islam ko theek se nahi samjhe hai aap log QURAN ko deeply pareh usme likhi ek ek baat sach hai uski saccai aap khud parh kar dekh sakte hai mera challang hai usme dunia k har sawal ka jawab hai aur qayamat tak rahega

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