Saturday, June 17, 2006

Indian Comics : Chacha Chaudhary & Sabu

भारतीय कॉमिक्स : चाचा चौधरी और साबू

विजय भाई के ब्लॉग पर उनके पुस्तकों के प्यार के बारे में पढ़ा। मेरा और शायद इस हिन्दी ब्लॉग मण्डल के ज़्यादातर लोगों का भी यही हाल है, सभी पढ़ने-लिखने के बेहद शौक़ीन जान पड़ते हैं। विजय भाई ने कॉमिक्स का उल्लेख किया है। बचपन में मैं भी बेहद चाव से कॉमिक्स पढ़ा करता था। कॉमिक्स पढ़ने में ऐसा रस आता था, मानो उससे बढ़कर दुनिया में और कोई सुख हो ही नहीं।

कॉमिक्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बच्चों में पढ़ने के प्रति गहरा रुझान पैदा हो जाता है, जो बाद में दूसरी बौद्धिक पुस्तकों के अध्ययन के लिए भी प्रेरित करता है। एक दूसरी ख़ास बात यह है कि आम तौर पर कॉमिक्स में प्रयोग की जाने वाली हिन्दी काफ़ी अच्छी और स्तरीय होती है, जो पढ़ने वाले के लिए आगे चल कर नींव का काम करती है।

आइए, कुछ बातें करते हैं कॉमिक्स के बारे में। शायद ही ऐसा कोई हो, जिसने चाचा चौधरी और साबू के किस्से न पढ़े हों। चाचा चौधरी की कॉमिक्स कुछ अजीब ही होती हैं। मैंने आज तक चाचा चौधरी की किसी भी कॉमिक्स में चाचा जी को कोई बुद्धिमत्तापूर्ण काम करते नहीं देखा, सब कुछ बस संयोग से अपने आप ही हो जाता है। लेकिन फिर भी अन्त में नीचे लिख दिया जाता है – चाचा चौधरी का दिमाग़ कम्यूटर से भी तेज़ चलता है। साबू भी अपने आप में कमाल का पात्र है। एक तो साबू का क़द कुछ तय नहीं है, परिस्थितियों के मुताबिक साबू की लम्बाई घटती-बढ़ती रहती है। हालाँकि इतनी बात तो पक्की है कि आम आदमी के मुक़ाबले साबू का क़द काफ़ी ज़्यादा है। साबू की जो बात मुझे बचपन में काफ़ी चकित करती थी; वह यह कि साबू को जब ग़ुस्सा आता है, तो आखिर ज्यूपिटर (बृहस्पति) पर ज्वालामुखी क्यों फटता है। लेकिन चाचा चौधरी की कॉमिक्स पढ़ना अपने आप में एक मज़ेदार अनुभव है। दिमाग़ लगाने की कोई आवश्कता नहीं होती, बस मज़े से पढ़े जाओ और चाचा चौधरी के कारनामों का आनन्द लेते रहो। यही बात बच्चों को इतनी भाती है और चाचा चौधरी को भारतीय कॉमिक्स का सबसे लोकप्रिय पात्र बनाती है। चाचा चौधरी की कुछ कॉमिक्स विशाल पटेल की वेबसाइट पर पढ़ी जा सकतीं हैं।

चाचा चौधरी के कुछ पक्के दुश्मन भी थे, उनमें राका और गोबर सिंह ही ख़ास हैं। इनमें गोबर सिंह तो हमेशा बिना कुछ लोहा लिए ही पिट जाता था, लेकिन राका काफ़ी ख़तरनाक था। उसने संजीवनी पी ली थी और वह अमर हो गया था। इसलिए चाचा चौधरी साबू की मदद से उसे कभी समुद्र में, तो कभी उत्तरी ध्रुव पर फिंकवा देते थे। लेकिन राका बार-बार तबाही मचाने लौट आता था; अभी भी यह क्रम जारी है कि नहीं, इससे में अन्जान हूँ। शायद अभी तक यही चल रहा हो। कभी-कभी चाचा जी का एक जुड़वा भाई भी कहीं से आ टपकता था, नाम था ‘छज्जू चौधरी’। एक बार उसे मंगल ग्रह वाले पकड़ के ले गए थे, मालूम नहीं पृथ्वी पर वापस छोड़ कर गए या नहीं?

जिन्होंने चाचा चौधरी और साबू की कॉमिक्स कभी पढ़ी होंगी, वे इस बात से वाकिफ़ होंगे कि शरुआत में कार्टूनिस्ट प्राण का परिचय भी छपा रहता है। उसमें उल्लेख है कि कार्टूनिस्ट प्राण को इन्दिरा गांधी द्वारा ‘ठिठोली पुरुस्कार’ से नवाज़ा गया था। मैं अक़्सर सोचता था कि क्या यह पुरस्कार किसी और को भी कभी दिया गया है? अगर आपको पता हो, तो कृपया ज़रूर बताएँ। डायमण्ड कॉमिक्स में चाचा जी के अलावा कार्टूनिस्ट प्राण के कुछ दूसरे पात्रों की भी कॉमिक्स आती है; जैसे कि बिल्लू, पिंकी, श्रीमती जी, रमन और दाबू वगैरह। लेकिन मुझे बाक़ी के ये पात्र कुछ ख़ास पसन्द नहीं थे, मैं प्राय: चाचा चौधरी की ही कॉमिक्स पढ़ा करता था।

24 comments:

MAN KI BAAT said...

सरलता से लिखा लेख बहुत अच्छा है।
-प्रेमलता पांडे

Pankaj Bengani said...

मजेदार लेख.

sanjaybengani said...

हम में से लगभग सभी ने चाचा चौधरी के कारनामे पढ़े हैं, हालाकि मुझे फेंटम की चित्र कथाएं अधिक पसन्द थी. मौका मिलने पर आज भी पढ़ लेता हुं.

Sagar Chand Nahar said...

प्रतीक भाई,
हमने तो चाचा चौधरी फ़ैन क्लब भी बनाया था जिसके शायद २० सदस्य थे।
वैसे फ़ेन्टम और जादूगर मेन्ड्रेक भी बहुत लोकप्रिय पात्र है, ये सारे तो कॉमिक्स के पात्र हैं परन्तु बच्चों के लिये उपन्यास भी छपते थे उनके मुख्य पात्र राजन और इकबाल थे जो बहुत लोकप्रिय थे।

Raag said...

पुरानी यादें ताज़ा कराने का धन्यवाद। पढ़ के मज़ा आया।

Manish said...

साबू और चाचा के हल्के फुलके कारनामे मन को लुभाते जरूर थे पर मुझे सबसे ज्यादा मजा बचपन में अमर चित्र कथा पढ़ कर आता था । पौराणिक और ऐतिहासिक कहानियाँ प्रस्तुत करने में उसका कोई सानी नहीं था ।

ई-छाया said...

लगता है मुझे भी पुस्तकों से मेरे सम्बंधों पर कुछ लिखना ही पडेगा अब।

Amit said...

चाचा चौधरी की कॉमिक्स तो मैंने भी बचपन में बहुत पढ़ी हैं, पर १० साल की उम्र तक ही। उसके बाद वो चाव नहीं रहा डॉयमण्ड कॉमिक्स में, जिनमें मैं फ़ौलादी सिंह, ताऊजी और बिल्लू की भी कॉमिक्स पढ़ता था। बिल्लू तो अपना देसी आर्ची था। उसके बाद मैंने केवल राज कॉमिक्स पढ़ना आरम्भ किया, पढ़कर तो सभी किरदार देखे, परन्तु जो मुझे पसंद आए और जिनकी मैं नियमित रूप से कॉमिक्स पढ़ता था वे थे नागराज, सुपर कमाण्डो ध्रुव, भोकाल, बांकेलाल, भेड़िया। इन्हें तो हाल ही में २-३ साल पहले पढ़ना छोड़ा है। :)

Amit said...

और वैसे मनोज कॉमिक्स भी पढ़ी है जिसमें १-२ किरदार थे जो पसंद थे। तुलसी कॉमिक्स भी पढ़ी है जिसमें मुझे केवल तौसी ही पसंद था। :)

Neeraj said...

पौराणिक कथाओं के पात्रों से अपना पहला परिचय अमर चित्र कथा के माध्यम से ही हुआ. मुझे प्राण का चरित्र बिल्लू और पिंकी भी पसंद है. मज़ेदार बनावट तो गब्दू की है. हा हा हा
बहुत पहले फ़िल्म की सचित्र कहानियां भी कॉमिक्स में आती थीं. तब मैं चार आना किराया देकर इन्हें भी पढ़ता था. उन्हीं दिनों एससी बेदी की सीरीज राजन-इक़बाल के कारनामे बड़े साहसिक और मज़ेदार थे. इनका बालमानस पर गहरा असर पड़ता है. इन दिनों तो दैनिक भास्कर समाचार पत्र के साथ आने वाला बाल भास्कर मुझे प्रिय है और इसमें डिटेक्टिव गोपीचंद भाता

Akshay said...

thnxxxxx.do u know any site to download these comics..plzzz send me at akshayjain_2020@yahoo.co.in

akshay said...

do u know any site to download comics.plzz send me at akshayjainn_2020@yahoo.co.in

Anonymous said...

To download comics visit www.infopointindia.com.

Anonymous said...

inpointindia.com has a very gud collection of comics. i have visited the site multiple number of times to download comics of dhruv and nagraj.

Prashant Verma said...

i was searching the net to buy books on hindi literature, novels, story collections etc... to my dismay it is easier to buy the latest english novel ( so many websites are there to serve you), but hard to buy hugely respected authors (very few web sites that too selling limited texts)

fareed said...

do u know any site to download comics
plz send the link to my email id
faridengg1985@gmail.com

gaba said...

see my site
http://comicsindia.googlepages.com/

Sumit Bhatnagar said...

Hi,
Please visit http://informationpoint.googlepages.com/ for Interview/Resume/Cover letter/books etc stuffs.
If you like it then please don't forget to click on 1-2 advertisements on this site regularly. (It will only take 1 min of yours).
Save this link as your favorite in browser.
This will help the site to remain operational.

Bikram said...

I am sorry for my language, i don't know how to type in Hindi and i ma very ashamed of that.

Read your post on comics. and indeed you reminded me of the winters i spent in school...hiding Nagraj, Chahca Chaudhri, and Dhruv from the villainous eyes of my warden and reading them wide eyes. thanks for pushing me to the memory lane.

PD said...

मुझे एक बात और याद आयी.. डायमंड कामिक्स के पहले पन्ने पर यह भी लिखा होता था की प्राण को यह पुरस्कार "रमण हम एक हैं" नामक कामिक्स के लिए मिला था..

Anonymous said...

achchi baatein kahi hain par durbhagya vash main hindi main type karna nahin janta hoon

Indian Comics said...

Hi,
फ्रेंड आपका ब्लॉग'' '' देखा . यह ब्लॉग बाकि सभी ब्लोग्स से बहुत रोचक और जानकारी से भरपूर है .
मुझे एसे ही किसी ब्लोगेर्स की तलाश थी .आपका ब्लॉग देख कर मुझे लगता है की मेरी तलाश शायद पूरी हो गई है .में Indian कॉमिक्स की जानकारी
इक्कठा कर रहा हूँ. मेरे ब्लॉग http://indiacomic.blogspot.com/ का भी यही लक्ष्य है की में ज्यादह से ज्यादह जानकारी
पाठको को उपलब्ध करा सकूँ .में इस समय मुंबई में रह रहा हूँ और इस जानकारी के सिलसिले में कई सरे आर्टिस्ट और लेखको से मिल चुका हूँ .
क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं ?
http://indiacomic.blogspot.com/
--
Thanks and Regards -

Usman Ali Khan | Texture Artist | Pixion CCL(Mumbai).

usman.max@gmail.com | Cell: +91 9821960473

Reyaz said...

yaar who d hell r u man blogging such a crap .. no one in d world wud appreciate u bachpana nahi gaya u r still a kid go to KINDERGARTEN BYE BABY

anmol said...

aapke dwara puchha gaya hai ki thitholi puraskar kya kisi aur ko bhi diya gaya hai to iska jawab hai ki yah puraskar ashok chakradhar,jaimini hariyanawi,dr rakesh,allahar bikaneri wagairah ko bhi mil chuka hai.
waise ye content bahut achha tha.........

Post a Comment

Related Posts with Thumbnails