Friday, August 04, 2006

Movie Review : Golmaal

फ़िल्म समीक्षा : गोलमाल

"गोलमाल" बोले तो फ़ुल टाइमपास फ़िल्म है बाबा। आपको यह फ़िल्म पसन्द आएगी, लेकिन एक शर्त है। वो ये कि देखते वक़्त अपनी लॉजिकात्मक बुद्धि न लगाएँ और दिमाग़ को कुछ देर के लिए ज़रा किनारे रख दें। और हाँ, इस पिक्चर के नाम से कंफ़्यूज़ होकर इसे अमोल पालेकर वाली पुरानी गोलमाल के स्तर की क्लास मूवी मत समझ लेना। उसके सामने तो ये कहीं भी नहीं ठहरती है।

इस कहानी के केन्द्र में हैं चार चौंघड़ - गोपाल (अजय देवगन), महादेव (अर्शद वार्सी), लकी (तुषार कपूर) और लक्ष्मन (शर्मन जोशी)। ये सब निहायत ही आवारा किस्म के हैं और खाओ-पीओ-ऐश करो टाइप के बन्दे हैं। इनकी हरकतों की वजह से कॉलेज से इनका बोरिया-बिस्तर उठाकर बाहर फेंक दिया जाता है। फिर ये रहने-खाने की जुगाड़ में एक बूढ़े दम्पत्ति के बंगले में घुस जाते हैं। इस दंपत्ति का पोता पहले ही मर चुका है, इसलिए लक्ष्मण इनका पोता बन कर रहता है और चारों में से सिर्फ़ गोपाल ही बोलता है ताकि उन्हें चारों के होने की भनक न लगे। बाक़ी के तीनों ख़ामोश रहते हैं और ये परिस्थितियाँ कॉमेडी पैदा करती हैं।

ओंकारा की ही तरह इस फ़िल्म में भी अजय देवगन का बहुत कमज़ोर अभिनय है। लगता है आजकल अजय कुछ महनत-मशक्कत के मूड में नहीं हैं। अर्शद अब कॉमेडी में रम गए लगते हैं और बाक़ियों का काम भी ठीक है। कुल मिला के पिक्चर कम-से-कम एक बार देखने लायक बन पड़ी है। चाहो तो गोलमाल की वेब साइट भी देख लो।

3 comments:

आलोक said...

गोलमाल का जालस्थल - पक्का अङ्ग्रेज़ी में होगा

SHUAIB said...

हम ने भी टैम पास किया मगर अजय देवगन से ये उम्मीद नही थी हम तो उसे एक अच्छा Actor समझते थे मगर अचानक ये छिचोरी अकटिंग? - खैर टैम पास के लिए एक अच्छी फिल्म थी

Anonymous said...

Golmaal's most cool movie of 2006. I liked golmal's music too. can u tell me where I can download golmaal song from?

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