Friday, October 27, 2006

PM Likes Lage Raho Munna Bhai

Arshad Varsi and Sanjay Dutt in Lage Raho Munna Bhaiआजकल चारों ओर 'लगे रहो मुन्ना भाई' और 'गांधीगिरी' की ही चर्चा है। शायद ही इससे कोई अछूता बच पाया हो। 'लगे रहो मुन्ना भाई' के प्रशंसकों की सूची काफ़ी लम्बी ही नहीं, बल्कि 'ऊँची' भी है। 'ऊँची' बोले तो कई हाई प्रोफ़ाइल लोगों को भी यह फ़िल्म बहुत पसन्द आई है, और इसमें हमारे प्रधानमन्त्री डॉ. मनमोहन सिंह भी शामिल हैं।

हाल में प्रधानमंत्री ने अपने व्यस्त कार्यक्रम में से वक़्त निकाल कर पूरे परिवार के साथ इस फिल्म का लुत्फ़ उठाया और इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। अपने आवास पर हुई विशेष स्क्रीनिंग के बाद प्रधानमंत्री ने कहा - ''यह फ़िल्म बापू के सत्य और मानवता के संदेश को दर्शाती है।'' प्रधानमंत्री के साथ प्रधानमंत्री-कार्यालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी फ़िल्म को देखा और सराहा। कुछ दिनों पहले अपनी दक्षिण अफ़्रीका यात्रा के दौरान भी प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 'लगे रहो मुन्ना भाई' की काफ़ी तारीफ़ की थी।

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8 comments:

गिरिराज जोशी said...

प्रतिकजी मेरी पहली टिप्पणी स्वीकार करें!!!

अपनी पोस्ट में मनमोहनजी की जगह हमारा नाम डाल दीजिये, हमें भी यह बहूत पसंद है और इससे आपके ब्लॉग की टी-आर-पी भी बढ़ेगी।

:)

SHUAIB said...

एक ज़माने के बाद अगर मुझे कोई फिल्म पसंद आई तो वो यही है
"लगे रहो मुन्ना भाई"
इस हिसाब से आप को चाहिए कि मनमोहनजी और गिरिराज भाई की बजाए मेरा नाम लिखदें ;) ;)

Punit Pandey said...

मेरा भी।

उन्मुक्त said...

अब तो देखनी पड़ेगी

प्रभाकर पाण्डेय said...

''यह फ़िल्म बापू के सत्य और मानवता के संदेश को दर्शाती है।''-यथार्थ वाक्य ।

बहुत ही अच्छा है यह चलचित्र ।

Udan Tashtari said...

अब मै भी देख ही लेता हूँ. :)

संजय बेंगाणी said...

सब कहते हैं तो अच्छी ही होगी. हमे तो ठीक-ठाक सी लगी.
मनमोहनसिंहजी सम्भल कर. गाँधीगीरी मात्र इंसानो का ही हृदयपरिवर्तन कर सकती हैं. इसे अपने पड़ोसी पर न आजमाना.

अनुनाद सिंह said...

मुझे तो दाल में काला लगता है। शायद यह मुन्नाभाई को बचाने की परोक्ष कोशिश है।
रही बात 'गान्धीगिरी' की, तो सौ-सौ चूहे खाय बिल्लि हज को चली !

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