प्लेजरिज़म ऐसा शब्द है जिसे काव्या विश्वनाथन ने काफ़ी लोकप्रिय कर दिया है। ख़ुशी की बात यह है कि वे भारतीय हैं..... क्या? आप कह रहे हैं कि ख़ुशी की बात नहीं है! ठीक है, फिर दु:ख की बात ही मान लेते हैं। लेकिन मुद्दे की बात यह है - अब आप जान सकते हैं कि कहीं इंटरनेट पर कोई आपके ब्लॉग या वेबसाइट की सामग्री को चुरा तो नहीं रहा है? तो कॉपीस्केप खोलिए और अपने ब्लॉग का पता डालिए। आप पाएंगे उन साइटों की सूची जहाँ आपकी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। तो फिर देर किस बात की, आप भी http://www.copyscape.com/ देखिए क्या कोई आपके ब्लॉग की सामग्री चोरी कर रहा है? और अगर कोई चोरी कर रहा है तो ख़ुश हो जाएँ, क्योंकि फिर आपका ब्लॉग वाक़ई काफ़ी मशहूर है।
8 comments:
बढ़िया. जानकारी बढ़ी. धन्यवाद
छा गये गुरू ।
अच्छी जानकारी दी आपने, धन्यवाद
बड़ी बेइज्जती सी लगी. कोई हमें कॉपी करने लायक नहीं मान रहा. Search Results-0 for उड़न तश्तरी.
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आप सही कह रहे है समीर जी हमें तो कोई कॉपी करने लायक ही नही समझता जबकि हम लोगों ने तो खुली छूट दे रखी है। कि चाहे जितना कापी करों। मेरा रिजर्ट भी जीरों था।
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आप ने अच्छी जानकारी दी .. मेरा भी कोई नतीजा नहीं आया.. पर इसका क्या कारण यह तो नहें कि हम सिर्फ़ अपने ब्लॉग का पता डाल रहे हैं जबकि शायद वह कुछ और माँग कर रहे हैं..उन्होने साथ में यह टिप भी दी है..
Tip: Search for copies of a specific page on your site by entering its URL.
बढिया तरीका है चोरों को पकडने का और साथ ही मे इठलाने का भी ; आखिर हम भी हैं जिसकी मार्केट मे कुछ पूछ है, इसी बहाने खुश हो लो :)
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