Sunday, August 12, 2007

राइनाइटिस ऍलर्जी का आयुर्वेदिक उपचार

क्या आपकी नाक हमेशा अगर एक बार बहना शुरू हो जाए, तो थमने का नाम नहीं लेती? छींक पर छींक आती रहती हैं? आँखों से आँसू बहने लगते है और गले में खराश पैदा हो जाती है? अगर इन सवालों का जवाब “हाँ” है, तो आप राइनाइटिस ऍलर्जी के शिकार हैं। दुर्भाग्यवश ऍलोपेथी में इसकी रोकथाम के उपाय तो हैं, लेकिन जड़ से सही करने का कोई इलाज नहीं है।

हालाँकि इस व्याधि में आयुर्वेदिक उपचार बहुत कारगर है। आयुर्वेद का प्रयोग कर इस बीमारी से पूरी तरह निजात पा सकते हैं। इसके लिए कुछ ख़ास बातें ध्यान में रखनी होंगी –


  • “अणु तैल” की दो-दो बूंदों से दिन में दो बार नस्य-क्रिया करें।
  • “ब्राह्म रसायन” का सेवन करें।
  • रात को देर तक न जागें और सुबह जल्दी उठें।
  • कफ-वर्धक पदार्थों के सेवन से दूर रहें।

Ayurvedic Treatment of Rhinitis Allergy

Symptoms: Are you agitated with your runny nose? Do you sneeze unstoppably? Are you suffering from itchy throat and eyes? If your answers of these questions are affirmative, you might be suffering from rhinitis allergy. Allopathic treatment can only suppress the symptoms. There’s no cure for this disease using Allopathic treatment.

Although ayurvedic treatment can be very useful in it. Simply by following Ayurvedic medication, one can be cured utterly. You should remember some points:

  • Do the Nasya Kriya with two drops of Anu Tailam.
  • Take Brahma Rasayan daily.
  • Don’t stay awake late in the night and get up early in the morning.
  • Don’t consume the foodstuff that stir up Kapha.

7 comments:

  1. यह समस्या तो शीतकाल के प्रारम्भ में होती है. तब ध्यान रखने का प्रयास करूंगा.
    पर अगर यह एलर्जी है तो क्या मौसम परिवर्तन के संक्रमण काल से इसका कुछ लेना-देना है?

    ReplyDelete
  2. सही है.. इस तरह के नुस्खों पर एक पूरा ब्लॉग हो सकता है.. होना चाहिए..
    वैसे तुम बीच बीच में कहाँ गाएब हो जाते हो बचुआ..? लिखते रहा करो..!!

    ReplyDelete
  3. @ ज्ञानदत्तजी
    आपको पहले यह पता करना होगा कि कहीं आप सामान्य ज़ुक़ाम हो ऍलर्जी तो नहीं समझ रहे हैं। लेकिन यदि सर्दियों की शुरुआत में सदैव ये लक्षण प्रकट होते हैं, तो हो सकता है कि आपको ऍलर्जी हो। ऐसी हालत में पोस्ट में सुझाए गए उपायों से आपको काफ़ी लाभ मिलेगा। हालाँकि ये उपाय सामान्य ज़ुक़ाम में भी प्रयोग में लाए जा सकते हैं।

    @ अभयजी
    दद्दू, जब इम्तिहान चालू होते हैं तो बड़े-बड़े ग़ायब हो जाते हैं... फिर मैं किस खेत की मूली हूँ। लेकिन आपकी आज्ञा सर-आँखों पर, अब लिखता रहूँगा धड़ाधड़।

    ReplyDelete
  4. mera naam abhinav mishra.meri umra 6 saal ki hai meri problem hai ki meri body me vibration sa rahta or memory ki problem bhi hai.iske saath hi mujhe stomach problem bhi hai jiski bajah se peth saaf nahin hota or sar pe garmi chayi rahati hai

    ReplyDelete
  5. Anonymous12:46 PM

    RESPECTED SIR
    BEFORE A LONG TIME MY WIFE IS PATIENT OF BLOOD INFECTION AND IN BODY SHE HAS MANY SOFT BOWLS . SHE FEELS VERY PAIN
    SO PLEASE TELL US ITS SOLUTION / TREATMENT AS SOON AS POSSIBLE ON MY E. MAIL ID ITS SKBALNIKETAN@YAHOO.COM
    THANKYOU

    ReplyDelete
  6. मैं बरसों से इस रोग से पीड़ित हूं।

    ReplyDelete

Related Posts with Thumbnails